23/03/2026 🚨🚨💥लैलूंगा घटगाँव में दूसरी अफीम की खेती का बड़ा खुलासा .. तमनार के बाद अब .. मिली फसल





रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमनार में हुई हालिया कार्रवाई की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अब लैलूंगा क्षेत्र के घटगांव में अफीम की अवैध फसल मिलने से हड़कंप मच गया है। जिले में बैक-टू-बैक मिल रहे इन मामलों ने पुलिस और राजस्व विभाग के खुफिया तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। सूत्रों के बताये अनुसार घटगॉव ग्राम में तीन खेतो में अफीम कि खेती मिलने कि सुचना मिल रही है।
भाजपा नेता रवि भगत ने किया खुलासाहैरानी की बात यह है कि इस अवैध खेती का पता प्रशासन को नहीं, बल्कि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत को चला। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से घटगांव में लहलहा रही अफीम की फसल की जानकारी सार्वजनिक की। उनके इस खुलासे के बाद प्रशासनिक अमले में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में टीम को सक्रिय होना पड़ा।तीन दिन के भीतर दूसरा बड़ा मामलागौरतलब है कि महज 72 घंटे पहले ही तमनार थाना क्षेत्र के आमघाट में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी।
रायगढ़ जिले में एक ही हफ्ते के भीतर दो अलग-अलग क्षेत्रों में अफीम का मिलना यह संकेत दे रहा है कि रायगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की खेती का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है लगातार सामने आ रहे इन प्रकरणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है
इंटेलिजेंस फेलियर: आखिर स्थानीय कोटवार और पटवारियों को अपने क्षेत्र में हो रही इतनी बड़ी अवैध खेती की भनक क्यों नहीं लग रही?
नेटवर्क की सक्रियता कि जानकारी नहीं मिल रही है क्या कहीं जिले में अफीम की खेती के पीछे कोई अंतरराज्यीय गिरोह काम कर रहा है ?
कार्रवाई में देरी हो रही है अब तक प्रदेश के तीन जिलों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, फिर भी प्रशासन “रिएक्टिव” मोड में क्यों है, “प्रोएक्टिव” क्यों नहीं ?
जिले में अफीम की खेती का लगातार मिलना बेहद चिंताजनक है। यह न केवल कानून व्यवस्था की विफलता है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। प्रशासन को गहरी नींद से जागकर इस रैकेट की जड़ तक पहुँचना चाहिए।




लोकमत 24 इस मामले पर लगातार नजर रखगा और आपको आगे की जानकारी देता रहेगा।
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