12/12/2025. ●●●●ओडिशा से लैलूंगा में अवैध धान व गाँजा तस्करी बेक़ाबू — प्रशासन की सख़्ती बेअसर, तस्करों का नेटवर्क और फैल रहा


लैलूंगा।
सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान और गाँजा के परविहन ने अब खतरनाक स्तर का रूप ले लिया है। ओडिशा से आ रहे अवैध माल की लगातार बढ़ती खेपों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस और राजस्व अमला हर संभव कार्रवाई का दावा तो कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तस्करी का नेटवर्क पहले से कहीं अधिक मजबूत और सक्रिय दिखाई दे रहा है।
स्थानीय स्रोतों का कहना है कि रात के अँधेरों में दर्जनों दुपहिया, चारपहिया और छोटे मालवाहक वाहनों के जरिए अवैध धान और नशीले पदार्थों को सीमाओं के पार पहुँचाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा गुप्त मार्गों को जेसीबी से ध्वस्त करने से लेकर संयुक्त टीमों के गठन तक कई कदम उठाए गए, लेकिन तस्करों ने नए रास्ते और नए तरीके तलाशकर सरकारी सख्ती को पूरी तरह चुनौती दे दी है।
प्रशासनिक अमले के भीतर भी यह चर्चा है कि स्थानीय स्तर पर कुछ दलालों और बाहरी तस्करों की मिलीभगत के कारण कार्रवाई का प्रभाव कम हो रहा है। कई बार सूचना मिलने के बावजूद मौके पर पहुँचते-पहुँचते वाहन और सामान गायब हो जाते हैं, जिससे संदेह और गहरा रहा है।
इस बीच, क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताई है और कहा है कि यदि इस अवैध धंधे पर तुरंत लगाम नहीं लगी, तो इसका प्रभाव स्थानीय बाजार, कृषि व्यवस्था और युवाओं पर बेहद नकारात्मक होगा। लोगों ने प्रशासन से विशेष अभियान चलाने, सीमावर्ती चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रखने और तस्कर गिरोहों पर बड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लगातार दावों के बावजूद वास्तविकता यही है कि तस्करों का जाल अब भी मजबूत है और हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब और कैसे इस पर निर्णायक कार्रवाई करता है।





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