03/01/2026******धूमधाम से मनाया गया छेरछेरा पर्व, सुबह-सुबह बच्चों ने निकाली छेरछेरा टोली

लैलूंगा क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पारंपरिक छेरछेरा पर्व पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। अलसुबह से ही बच्चों की टोलियां हाथों में थाली, टीन और डंडे लेकर घर-घर निकलीं और पारंपरिक अंदाज में “छेरछेरा माई कोठी के दुआर…” की गूंज के साथ अन्नदान की मांग की।
हर घर से बच्चों को चावल, धान, गेहूं, तिल, पैसा व अन्य सामग्री दान स्वरूप दी गई। गांवों में सुबह से ही उत्सव का माहौल देखने को मिला। बुजुर्गों ने छेरछेरा को आपसी भाईचारे, दान और समृद्धि का प्रतीक बताया।
ग्रामीणों के अनुसार छेरछेरा पर्व नई फसल के स्वागत और अन्नदाता किसान के सम्मान का पर्व है। इस दिन दान देने से घर में सुख-समृद्धि आती है और आपसी प्रेम बढ़ता है। पर्व के अवसर पर बच्चों के चेहरों पर विशेष उत्साह और खुशी झलकती रही।
छेरछेरा पर्व ने एक बार फिर ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया। गांव-गांव में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा, वहीं लोगों ने परंपराओं को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी लिय




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