12/12/2025. ●●●●लैलूंगा अवैध ‘लाल-इटो’ का धंधा बेलगाम — प्रशासन की चुप्पी से बढ़े हौसले, क्षेत्र में कानून व्यवस्था रसातल में


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ैलूंगा एवं आसपास के ग्रामीण इलाक़ों में अवैध लाल-इटो के धंधे ने अब खतरनाक रूप ले लिया है। बीते कुछ महीनों में इस गैरकानूनी व्यापार का फैलाव इतनी तेज़ी से हुआ है कि स्थानीय लोग इसे “खुलेआम चल रहे काले कारोबार” की संज्ञा देने लगे हैं।
जहाँ प्रशासन को इस पर सख़्त शिकंजा कसना चाहिए था, वहीं अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी ने कई तरह के संदेह खड़े कर दिए हैं।
गाँवों में खुलेआम गतिविधियाँ, पर रोकने वाला कोई नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, शाम ढलते ही क्षेत्र में अवैध कारोबारियों की आवाजाही बढ़ जाती है। कुछ खास जगहों पर लाला-इटो के सौदे खुलेआम होते हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह धंधा अब “पैर फैलाकर” पूरे क्षेत्र में जड़ें जमा चुका है, फिर भी जिम्मेदार तंत्र की तरफ़ से ना कोई छापा, ना कोई कार्रवाई, ना ही कोई सख़्त चेतावनी देखने को मिल रही है।
प्रभावशाली लोगों का संरक्षण?
लोगों में यह भी चर्चा है कि इस खेल में कुछ प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं, जिनके “साए” में यह धंधा साल-दर-साल फूला-फला है। यही वजह है कि अवैध कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें किसी भी कार्रवाई का डर नहीं रह गया है।
आमजन में डर और नाराज़गी
स्थानीय निवासियों में प्रशासन की ढिलाई को लेकर तीखी नाराज़गी है। लोगों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो क्षेत्र में अपराध, नशा और असुरक्षा की घटनाएँ और तेजी से बढ़ेंगी। कई ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में यह काला कारोबार युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
कठोर कार्रवाई की माँग
जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध नेटवर्क की पूरी जाँच कर तत्काल कार्रवाई की जाए। लोग चाहते हैं कि जो भी इस धंधे को संरक्षण दे रहे हैं, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली हों, उन पर कड़ी कार्यवाही हो।
ग्रामीणों का साफ़ कहना है कि “यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो हालात काबू से बाहर हो जाएंगा





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