लैलूंगा 17.05.2025 *

लैलूंगा के लिए आज का दिन एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा, जब “ऑपरेशन सिंदूर” के अंतर्गत गांव-गांव में तिरंगा यात्रा निकाली गई। हर गली, हर चौक, हर मैदान देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। यह आयोजन न केवल सेना के शौर्य और बलिदान को समर्पित था, बल्कि सामाजिक एकता, सामूहिक संकल्प और राष्ट्रीय गौरव का सजीव उदाहरण भी बन गया।
हर वर्ग की सहभागिता, हर दिल में तिरंगे का मान : इस अभियान में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाओं से लेकर बच्चों तक सभी ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी निभाई। हाथों में लहराते तिरंगे, चेहरों पर गर्व, और गगनभेदी नारों के बीच लोगों ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया।
लैलूंगा में बही एकता की बयार : तिरंगा यात्रा के दौरान लैलूंगा की गलियों से उठती जयकारों की गूंज ने यह साबित कर दिया कि देश के कोने-कोने में आज भी राष्ट्रभक्ति की लौ प्रज्वलित है। महिलाएं में देशभक्ति के गीतों पर कदम मिलाती रहीं, बच्चे हाथों में झंडा थामे देश के प्रति अपने प्रेम को प्रकट करते दिखे, और बुजुर्गों की आंखों में अपने जीवन के अनुभव के साथ गौरव का भाव झलक रहा था।
“ऑपरेशन सिंदूर”: नारी शक्ति और राष्ट्र सम्मान का संगम : इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह इस बात को लेकर भी रहा कि इसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। ग्रामीणों ने इसे महिलाओं के नेतृत्व और नारी शक्ति के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। यह एक ऐसा प्रयास बना जो आने वाली पीढ़ियों में देशप्रेम, एकता और जागरूकता का संदेश देगा।
“एक देश, एक तिरंगा, एक संकल्प” की भावना से ओतप्रोत इस आयोजन ने लैलूंगा को एक नई पहचान दी, देशभक्ति के गढ़ के रूप में।
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर भारतवासी के हृदय में बसे राष्ट्रप्रेम की सजीव अभिव्यक्ति थी। रायगढ़ ने आज दिखा दिया कि देश की असली ताकत उसके गांवों, उसकी माटी और उसके नागरिकों में बसती है।




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