Breaking News
Sat. Feb 7th, 2026

नोटिस बनाम न्यूज”: रतनपुर में पत्रकार और ASI आमने-सामने, मामला पहुँचा कप्तान दरबार की दहलीज पर

शेयर करें

20.05.2025*“नोटिस बनाम न्यूज”: रतनपुर में पत्रकार और ASI आमने-सामने, मामला पहुँचा कप्तान दरबार की दहलीज पर

ायपुर से विशेष संवाददाता।

बिलासपुर के रतनपुर में एक स्थानीय पत्रकार को पुलिस अधिकारी द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस ने जिले में सुशासन से अधिक “सत्ता बनाम सच” की बहस को जन्म दे दिया है। मामला सामने आया है पुलिस विभाग के एएसआई नरेश गर्ग और एक पत्रकार के बीच, जिसमें पत्रकार द्वारा एक खबर प्रकाशित किए जाने के बाद अधिकारी ने नोटिस भेजते हुए पत्रकारिता की डिग्री और खबर के सबूत मांगे हैं।

खबर क्या थी?

पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि स्थानीय थाना क्षेत्र में कुछ शराब माफिया पकड़े गए थे, लेकिन कथित तौर पर बीस हजार रुपये के लेन-देन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। आश्चर्यजनक रूप से वही आरोपी दो दिन बाद फिर से पकड़े गए। इस पर खबर प्रकाशित हुई, और उसी के जवाब में पत्रकार को एएसआई गर्ग की ओर से एक पंजीकृत कानूनी नोटिस थमा दिया गया।

बनाम न्यूज”: रतनपुर में पत्रकार और ASI आमने-सामने, मामला पहुँचा कप्तान दरबार की दहलीज पर

नोटिस में कहा गया है कि प्रकाशित खबर से अधिकारी को “मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक क्षति” पहुँची है। साथ ही पत्रकार से 7 दिनों के भीतर जवाब देने, सबूत पेश करने और अपनी शैक्षणिक व पेशेवर योग्यताओं का विवरण मांगा गया है।

इस पर पत्रकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है, “मैंने कोई कहानी नहीं लिखी, तथ्य लिखे हैं। मेरे पास दस्तावेज़, बयान और सबूत हैं — और अब यह सब पुलिस कप्तान के सामने रखा जाएगा।”

अब कप्तान दरबार में होगी पेशी

मामला अब जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष उठाया जाने वाला है। पत्रकार का कहना है कि वे अपने पक्ष को तथ्यों सहित रखेंगे और यह सिद्ध करेंगे कि रिपोर्ट में कुछ भी मनगढंत नहीं था।

बड़ा सवाल – खबर से हकीकत उजागर या ताकत पर चोट?

रतनपुर की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक एक ही सवाल गूंज रहा है —
“अगर खबर झूठी थी तो खंडन क्यों नहीं? और अगर सच्ची थी तो हंगामा क्यों?”
साथ ही यह चिंता भी जाहिर की जा रही है कि क्या अब पत्रकारों को कलम से नहीं, डिग्री से अपनी साख साबित करनी होगी?

निष्कर्ष

यह प्रकरण एक स्थानीय विवाद से बढ़कर उस राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनता दिख रहा है, जिसमें पत्रकारिता की आज़ादी, सत्ता की जवाबदेही और लोकतांत्रिक मूल्यों की परीक्षा हो रही है। अब निगाहें जिला कप्तान की ओर हैं — देखना है कि न्याय की देवी आंख पर पट्टी रखेगी या सच की तरफ देखेगी।



लोकमत 24 इस मामले पर लगातार नजर रखेगा और आपको आगे की जानकारी देता रहेगा।

लैलूंगा अस्पताल में वसूली और भ्रस्टाचार की जानकारी देनें के लिए संपर्क करें |
प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रहे भ्रष्टाचार और घूसघोरी की जानकारी देने के लिए संपर्क करें

शेयर करें

By Rakesh Jaiswal

Lokmat24 News  एक विश्वसनीय न्यूज़ प्लेटफॉर्म है जो आपको छत्तीसगढ़ की ताज़ा और सटीक ख़बरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य सच्चाई को आप तक पहुंचाना है | Contact - 9424188025

Related Post