03/09/2025 ● लैलूंगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एस. पैंकरा के मार्गदर्शन में 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम के तहत गांव-गांव जाकर नेत्रदान संबंधी जानकारी दी जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि मृत्यु उपरांत नेत्रदान कर किसी नेत्रहीन की जिंदगी में रोशनी फैलाएँ। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा शालाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं पंचायत भवनों में गोष्ठियों के माध्यम से छात्रों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को नेत्रदान हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
नेत्र सहायक अधिकारी श्री आर.आर. डडसेना ने बताया कि नेत्रदान मृत्यु उपरांत किया जाता है और इससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई दृष्टि मिल सकती है। नेत्रदान मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य है, जिसे हर व्यक्ति को करना चाहिए।
👁️ कौन नेत्रदान कर सकता है?
कोई भी व्यक्ति, चाहे महिला हो या पुरुष।
किसी भी आयु का व्यक्ति।
जिनको चश्मा है या मोतियाबिंद जैसी सामान्य समस्या है, वे भी नेत्रदान कर सकते हैं।
मृत्यु के बाद 4 से 6 घंटे के भीतर नेत्रदान संभव है।
🚫 कौन नेत्रदान नहीं कर सकता है?
एड्स, हेपेटाइटिस बी/सी जैसी संक्रामक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति।
ब्लड कैंसर या गंभीर संक्रमण वाले रोगी।
आँख में गंभीर चोट या संक्रमण वाले लोग।
इस अवसर पर ग्रामीणों में नि:शुल्क नेत्र जांच, परामर्श एवं दवाइयों का वितरण भी किया गया। आयोजन में नेत्र सहायक अधिकारी प्रकाश चौधरी, चंद्रबली सिंह स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
“नेत्रदान करें – किसी की अंधेरी दुनिया को रोशन करें”


लोकमत 24 इस मामले पर लगातार नजर रखगा और आपको आगे की जानकारी देता रहेगा।
लैलूंगा अस्पताल में वसूली और भ्रस्टाचार की जानकारी देनें के लिए संपर्क करें |
प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रहे भ्रष्टाचार और घूसघोरी की जानकारी देने के लिए संपर्क करें
