01/05/2026 🚨💥लैलूंगा में आधार केंद्रों का अभाव बना बड़ी समस्या, आमजन दर-दर भटकने को मजबूर
लैलूंगा। शासन की महत्वाकांक्षी पहचान योजना आधार अब लोगों के लिए सुविधा कम, मुसीबत ज्यादा बनती जा रही है। लैलूंगा नगर पंचायत एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में आधार सेवा केंद्रों की भारी कमी के चलते आम नागरिकों को आधार बनवाने और सुधार कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोगों को एक छोटे से काम के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कहीं सर्वर बंद तो कहीं मशीन खराब—और जहां केंद्र चालू है, वहां लंबी-लंबी कतारें लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही हैं।विकासखंड लैलूंगा में आधार पंजीयन एवं अपडेट की सुविधा “इन हाउस मॉडल” के तहत चार प्रमुख कार्यालयों में सुचारू रूप से संचालित होना था, जिनमें –
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) कार्यालय
तहसील कार्यालय
एसडीएम कार्यालय
मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय
शामिल हैं।
परंतु वर्तमान स्थिति में लैलूंगा क्षेत्र में केवल दो स्थानों पर ही आधार सेवा संचालित हो रही है, जिससे आमजन को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार की अधिकांश योजनाओं में आधार अनिवार्य होने के बावजूद सुविधा केंद्रों की संख्या न बढ़ाना समझ से परे है।
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को हो रही है। कई लोग सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी बिना काम कराए लौटने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर जल्द ही नए आधार केंद्र नहीं खोले गए और मौजूदा केंद्रों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या आम जनता की परेशानी देखने वाला कोई नहीं?
👉 अब जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लें और लैलूंगा क्षेत्र में आधार सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं।


लोकमत 24 इस मामले पर लगातार नजर रखगा और आपको आगे की जानकारी देता रहेगा।लैलूंगा अस्पताल में वसूली और भ्रस्टाचार की जानकारी देनें के लिए संपर्क करें |
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